प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना

आयुष्मान
भारत योजना के अंतर्गत देश के गरीब
तथा पिछड़े परिवारों को स्वास्थ्य सम्बन्धी बड़ी
समस्याओ को दूर करने के लिए भारत सरकार द्वारा आर्थिक
रूप से स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जा रहा है प्रधानमंत्री
आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत हमारे देश के
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 14 अप्रैल 2018
को बाबा भीम राव अम्बेडकर जयंती के दिन छत्तीसगढ़ के बीजापुर
जिले में की गयी थी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के
जन्मदिन के दिन 25 सितम्बर 2018 को
पूरे देश में लागू कर दी गयी है | PMJAY योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार देश
के गरीब परिवारों को सालाना 5 लाख रूपये के स्वास्थ्य बीमा की सहायता प्रदान कर रही है |
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना
आयुष्मान भारत के तहत दूसरा घटक प्रधानमंत्री जन आरोग्य
योजना है जिसे लोग (पीएम-जय)के नाम जानते हैं। यह योजना 23 सितंबर, 2018 को भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री
नरेंद्र मोदी के द्वारा रांची, झारखंड में शुरू की गई।
आयुष्मान भारत (पीएम-जय)दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य
आश्वासन योजना है, जिसका उद्देश्य प्रति परिवार प्रति वर्ष 5
लाख रुपये तक का मुफ़्त इलाज माध्यमिक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं
के लिए 10.74 करोड़ से भी अधिक गरीब और वंचित परिवारों (या
लगभग 50 करोड़ लाभार्थियों को) मुहैया कराना जो भारतीय आबादी
का 40% हिस्सा हैं। यह संख्या और शामिल किए गए परिवार
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना 2011 (SECC 2011)
के अभाव और व्यावसायिक मापदण्डों पर आधारित हैं। (पीएम-जय)को पहले
राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (NHPS) के नाम से जाना
जाता था। पूर्ववर्ती राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना (RSBY), जिसका
प्रमोचन 2008 में हुआ था, का विलय
(पीएम-जय)में किया गया। इसलिए (पीएम-जय)के तहत, उन परिवारों
को भी शामिल किया गया है जो RSBY में उल्लिखित थे, लेकिन SECC 2011 के डेटाबेस में मौजूद नहीं हैं।
(पीएम-जय)पूरी तरह से एक सरकार द्वारा वित्त-पोषित योजना है जिसकी कार्यान्वयन की
लागत केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बाटी गई है।
(पीएम-जय) की मुख्य
विशेषताएं
· (पीएम-जय)पूरी तरह से
सरकार द्वारा वित्त-पोषित दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा/आश्वासन योजना है।
· यह योजना भारत में सार्वजनिक व निजी
सूचीबद्ध अस्पतालों में माध्यमिक और तृतीयक स्वास्थ्य उपचार के लिए प्रति परिवार
प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक की धन राशि लाभार्थियों को
मुहया कराती है।
· 10.74 करोड़ से भी
अधिक गरीब व वंचित परिवार (या लगभग 50 करोड़ लाभार्थी) इस
योजना के तहत लाभ प्राप्त कर सकतें हैं।
· (पीएम-जय)सेवा
संस्थान अर्थात “अस्पतालों” में
लाभार्थी को स्वास्थ्य सेवाएँ निशुल्क प्रदान करती है।
· (पीएम-जय)चिकित्सा
उपचार से उत्पन अत्यधिक ख़र्चे को कम करने में मदद करती है, जो
प्रत्येक वर्ष लगभग 6 करोड़ भारतीयों को गरीबी की रेखा से
नीचे पहुचा देता है।
· इस योजना के तहत अस्पताल में भर्ती
होने से 3 दिन पहले और 15 दिन
बाद तक का नैदानिक उपचार, स्वास्थ्य इलाज व दवाइयाँ मुफ्त
उपलब्ध होतीं हैं।
·
इस योजना के तहत परिवार के आकार, आयु या लिंग पर कोई सीमा नहीं है।
· इस योजना के तहत पहले से मौजूद
विभिन्न चिकित्सीय परिस्थितियों और गम्भीर बीमारियों को पहले दिन से ही शामिल किया
जाता है।
· (पीएम-जय)एक पोर्टेबल
योजना हैं यानी की लाभार्थी इसका लाभ पूरे देश में किसी भी सार्वजनिक या निजी
सूचीबद्ध अस्पताल में उठा सकतें हैं।
· इस योजना में लगभग 1,393 प्रक्रियाएं और पैकिज शामिल हैं जैसे की दवाइयाँ, आपूर्ति,
नैदानिक सेवाएँ, चिकित्सकों की फीस, कमरे का शुल्क, ओ-टी और आई-सी-यू शुल्क इत्यादि जो
मुफ़्त उपलब्ध हैं।
· स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निजी
अस्पतालों की प्रतिपूर्ति सार्वजनिक अस्पतालों के बराबर की जाती है।
पीएम-जय के तहत लाभ
भारत में कई सरकारी वित्त-पोषित स्वास्थ्य बीमा योजनाओं रही
है जिनके अंतर्गत विभिन्न राज्यों में प्रति परिवार 30,000 रुपये से लेकर 3,00,000 रुपये तक की धन राशि मुहैया
कराई जाती थी जो असमानता उत्पन करती थीं। (पीएम-जय) समस्त लाभार्थियों को सूचीबद्ध
माध्यमिक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष 5,00,000
रुपये मुहैया कराती है। इस योजना के तहत निम्नलिखित उपचार निशुल्क
उपलब्ध हैं।
·
चिकित्सिक परीक्षा, उपचार और परामर्श
·
अस्पताल में भर्ती से पूर्व ख़र्चा
·
दवाइयाँ और चिकित्सा उपभोग्य
·
गैर-गहन और गहन स्वास्थ्य सेवाएँ
·
नैदानिक और प्रयोगशाला जांच
·
चिकित्सा आरोपण सेवाएं (जहां आवश्यक
हो)
·
अस्पताल में रहने का ख़र्चा
·
अस्पताल में खाने का ख़र्चा
·
उपचार के दौरान उत्पन्न होने वाली
जटिलताएँ
·
अस्पताल में भर्ती होने के बाद 15 दिनों तक की देखभाल
इस योजना में 5,00,000 रुपये का लाभ पूरे परिवार को मिलता है, यानेकि इसका उपयोग परिवार के एक या सभी सदस्यों द्वारा किया जा सकता है। RSBY योजना के तहत पाँच सदस्यों की पारिवारिक सीमा थी। उन योजनाओं से सीख लेते हुए, (पीएम-जय)की संरचना इस प्रकार की गई है कि परिवार के आकार या सदस्यों की उम्र पर कोई सीमा नहीं रखी गई है। इसके एलवा, पहले से मौजूद विभिन बीमारियों को इस योजना में पहले दिन से ही शामिल किया जाता है। इसका मतलब यह है कि (पीएम-जय)में नामांकित होने से पहले किसी भी क़िस्म की बीमारी या स्वास्थ्य अस्थिथि से पीड़ित व्यक्ति उन सभी चिकित्सीय परिस्थितियों के लिए, और साथ ही पीएम-जय योजना के तहत सारे उपचार, प्राप्त करने के लिए पहले दिन से ही लाभार्थी है।
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